
Setback For Congress: जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. गुलाम नबी आजाद के समर्थन में पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद समेत राज्य के करीब 64 नेताओं ने इस्तीफा देने का ऐलान किया है. आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था.
उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेतृत्व आंतरिक चुनाव के नाम पर धोखा दे रहा है. उन्होंने राहुल गांधी पर ‘अपरिपक्व और बचकाने’ व्यवहार का आरोप भी लगाया था. इसके बाद अब आजाद के समर्थन में उनके समर्थक नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. इन नेताओं का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है, जब राज्य में लगातार इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि वहां कब चुनाव होंगे.
Setback For Congress
आजाद ने सोमवार को भी कांग्रेस और आलाकमान पर तीखा प्रहार किया था. उन्होंने कहा था कि बीमार कांग्रेस को दुआ नहीं, दवा की जरूरत है, लेकिन उसका इलाज कम्पाउंडर कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले होने के कांग्रेस के आरोप पर भी उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनको निशाने पर लिया था. उन्होंने सवाल पूछा था कि जो संसद में भाषण देने के बाद प्रधानमंत्री से गले मिले, वह मोदी के साथ मिले या नहीं? दूसरी तरफ, कांग्रेस ने आजाद पर पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी को बदनाम करने का काम सौंपा गया है.
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा था, ‘जब चुनाव होता है, उसके लिए सदस्यता अभियान होता है. यह पुराने समय से चला आ रहा है, अब क्या हो रहा है कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम लिए जाते हैं और उनके पैसे भर दिए जाते हैं. यह नकली सदस्यता अभियान है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर कागज की इमारत बनाओगे तो वह हवा से गिर जाएगी या आग से जल जाएगी. ऐसे चुनाव करने से क्या फायदा होगा, यह सब फर्जी है.’
कभी भी बिखर सकती है कांग्रेस
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि आजाद हर मिनट अपने ‘विश्वासघात’ को सही क्यों ठहरा रहे हैं? कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उन पर पार्टी को धोखा देने का आरोप लगाया था और कहा था कि उनका ‘डीनएनए मोदी-मय’ हो गया है. कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद पहली बार आजाद ने सोमवार को खुलकर बात करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस की नींव कमजोर हो गई है और वह कभी भी बिखर सकती है.