इस दिशा में न रखें दर्पण या ड्रेसिंग टेबल

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में दर्पण और ड्रेसिंग टेबल  कभी नहीं लगाना चाहिए। इससे गृहणी के साथ-साथ घर में रह लोगों का चित्त हमेशा अशांत रहता है। घर में वास्तु दोष हो जाने के कारण कोई न कोई सदस्य बीमार रहता है। इसके अलावा तरक्की में बाधा उत्पन्न होती है।

खिड़की लगाते समय ध्यान रखें ये बात

घर में लगा दरवाजा जिस तरह वास्तु को ठीक करने में मदद करता है। इसी तरह खिड़कियां भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इसलिए घर में खिड़की या फिर दरवाजे लगवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इनकी संख्या विषम कभी नहीं होनी चाहिए। हमेशा सम यानी 2, 4, 6, 8, की संख्या में होनी चाहिए। क्योंकि विषम संख्या होने पर वहां रहने वाले लोगों के बीच मनमुटाव बना रहता है। इसके साथ ही बनते-बनते कार्य भी बिगड़ने लगते हैं।

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सीढ़ियों संबंधी वास्तु नियम

घर में सीढ़ियां बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इनकी संख्या 10 या फिर 20 नहीं होना चाहिए। इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। इसके साथ ही सीढ़ी के नीचे बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है।

बेडरूम संबंधी वास्तु नियम

वास्तु के अनुसार, बेडरूम में हमेशा ताजे फूल रखना चाहिए जो कि सम संख्या में होना चाहिए। इसके साथ ही आर्टिफिशियल फूल रखने से बचना चाहिए। इससे जातक के प्रगति पर बुरा असर पड़ता है और पति-पत्नी के बीच किसी न किसी बात पर मतभेद होता रहता है।

ये वास्तु नियम भी रखें याद

  • वास्तु के अनुसार, बेडरूम में कभी भी जूठे बर्तन नहीं रखना चाहिए। क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • घर के पूर्व या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में कभी भी डस्टबिन नहीं रखना चाहिए। इस दिशा को हमेशा साफ-,सुथरा रखना चाहिए। माना जाता है कि घर में गंदगी होने से दरिद्रता का वास होता है, जिससे सुख-समृद्धि रुक जाती है।