
सावन का पावन मास चल रहा है। यह माह भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि सावन माह में भगवान शिव की विधिवत पूजा करने के साथ जलाभिषेक करने से वह जल्द प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति की हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं। इसके अलावा सावन माह के दौरान धार्मिक कार्यों के साथ-साथ शिव संबंधी कुछ चीजों को घर में लाना शुभ माना जाता है। जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, सावन माह के दौरान कौन सी चीजें घर लाने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
पारद के शिवलिंग
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पारद शिवलिंग को घर में रखना काफी शुभ माना जाता है। बता दें कि पारद चांदी और पारे से मिलकर बना होता है। इसे घर में रखने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी की कमी से कभी भी धन की कमी नहीं होता है। इसलिए इसे सावन के माह में लाकर विधिवत तरीके से पूजा करके स्थापित करें।
डमरू
वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर में डमरू रखना काफी शुभ माना जाता है। क्योंकि डमरू भोलेनाथ का प्रिय वाद्य यंत्र है। सावन माह में डमरू घर लाएं और रोजाना इसे बजाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलेगा। सावन के अंत में इस डमरू को किसी बच्चे को भेंट कर दें।
नाग-नागिन का जोड़ा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुंडली से नाग दोष हटाने के लिए सावन सोमवार के दिन शिवलिंग में चांदी से बने नाग-नागिन चढ़ाना माना जाता है। ऐसा करने से कालसर्प दोष से भी छुटकारा मिल जाता है। वास्तु के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति से धोखे से किसी नाग या नागिन को मार दिया है, तो उसके दोष को कम करने के लिए चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ा सकते हैं।
चांदी का बेलपत्र
भगवान शिव को सावन मास में बेलपत्र चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है। अगर आप रोजाना बेलपत्र नहीं चढ़ा रहे हैं, तो एक चांदी का बेलपत्र बनवा लें और इसे शिवलिंग में चढ़ा दें। रोजाना इसे गंगाजल से धोकर दोबारा चढ़ा दें। ऐसा करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
रुद्राक्ष
सुख, सौभाग्य और समृद्धि के लिए घर में रुद्राक्ष रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा रुद्राक्ष को चांदी के साथ बनवाकर गले में पहन सकते हैं। इससे लाभ मिलेगा।
चांदी के चंद्र
भगवान शिव के मस्तक में चंद्र देव विराजमान है। ऐसे में सावन माह में चांदी के छोटे से चंद्र बनाकर उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।