
*सरकार को एक दीर्घकालिन कार्ययोजना तत्काल बनाना चाहिये ।जिसके तहत देश मे स्टील के आयात (जो देश मे उत्पादित होता है परंतु सरकार आयरन एंड स्टील में पिछले 1 वर्ष से हो रही सट्टेबाजी को रोकने में पूर्ण त: विफल रही है । यही हाल वनस्पतियों तेलों का है ।*
(2) *सरकारे जानबूझकर पर्यावरण व फारेस्ट क्लेरेंस के नाम पर नयी कोयला खदानों /व पुरानी का उत्पादन बढ़ाने को नही होने दे रही है जबकि देश मे ही कोयले का अथाह भंडार है ।केवल व्यक्ति विशेष की लाभ पहुंचाने के लिये देश की कोयले के आयात पर निर्भर किया जा रहा है । जो बहुत ही निंदनीय कृत है ।*
(3) *2 वर्षों के लिये देश मे सोने के आयात पर टैक्स करीब 2000 प्रति ग्राम लगा दिया जावे तो देश में लोगो का मोह गोल्ड में निवेश के प्रति कम होने लगेगा । ऐसा कर हम करीब ₹ 3-4 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की प्रति वर्ष आसानी से बचत कर सकते है।*
*सरकार को लोगो की एडुकेट करना चाहिये कि सोने जैसी नॉन प्रोडूक्टिव आयातित एसेट में निवेश करने से लोगों को बचना चाहिये ऐसा करना देश अर्थव्यवस्था व रुपये की गिरती कीमत को संभालने के लिये करना बहुत जरूरी है ।*
*अगर हम ऐसा करने में सफल हो जाते है तो देश मे MSME द्वारा उत्पादित वस्तुओं की बिक्री में इजाफा होगा ।और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे ।*
(4) *देश मे जिन वस्तुओं की शॉर्टेज है उन वस्तुओं के निर्यात से विदेशी मुद्रा देश को मिलेगी के निर्यात से बचना /प्रतिबंधित किया जाना चाहिए । इन वस्तुओं के बजाय देश मे फ़ूड ग्रेन के व अन्य कृषि उत्पाद के प्रति हैक्टर उत्पादन को किसानों को एडुकेट व इजरायली कृषि तकनीक के इस्तेमाल से से आसानी से 1.25गुना किया जा सकता है ।जिससे किसान की आय में भी इजाफा होगा । व वर्तमान में यूक्रेन रूस युद्ध से विश्व मे गहराते खाद्य संकट से कृषि उत्पादों के Export की आगामी 5-7 वर्षो के लिए काफी बढ़ी सम्भावनाये है ।
हम कृषि उत्पादों को इनपुट कॉस्ट सपोर्ट दे कर काफी मात्रा में कृषि उत्पादों के निर्यात से विदेशी मुद्रा कमा सकते है ।*
आपश्री की सार्थक प्रतिक्रिया ,सुझाव व विचार आमंत्रित है ।