
दुर्ग। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी माध्यम के बच्चों को बहुत बड़ी सौगात दी है अब 16 अक्टूबर का दिन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में नामांकित हो गया है । अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में होगी .जिसको लेकर हिन्दी माध्यम के बच्चों में हर्ष का माहौल है। उपरोक्त बातें दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा।
वर्मा ने कहा कि 16 अक्टूबर का दिन भारत के शिक्षा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह शिक्षा के क्षेत्र पुनर्जागरण और पुनिर्माण का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा, तकनीकी और चिकित्सा में मातृभाषा को महत्व देकर बड़ा निर्णय लिया है।मोदीजी ने क्षेत्रीय भाषाओं में मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा उपलब्ध कराने का आव्हान किया था। उनके इस संकल्प को मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने पूरा किया है।
वर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप हिंदी में चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत से देश में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा. किसी भी व्यक्ति की सोचने की प्रक्रिया मातृभाषा में ही होती है। अगर पढ़ाई और अनुसंधान मातृभाषा में हो तो भारत के विद्यार्थी विश्व में डंका बजाएंगे। 16 अक्टूबर का दिन अंग्रेजी से मुक्ति का दिन है।
यह कार्य आजादी के बाद हो जाना चाहिए था जो अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कुछ ही महीनों बाद देशभर के विद्यार्थी अपनी भाषा में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करेंगे। 10 राज्यों ने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करवाकर शिक्षा देना शुरू किया है। जेईई, नीट-यूजी की परीक्षा 12 भाषाओं में देने की व्यवस्था पीएम मोदी ने की है। संयुक्त यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा 13 भाषाओं में हो रही है। पीएम मोदी विश्व में जहां भी गए वहां हिंदी में भाषण देकर दुनिया भर को संदेश दिया है।