कुतुब मीनार में देवता बिना पूजा-पाठ के 800 साल से हैं, अब उन्हें ऐसे ही रहने दो- कोर्ट

0
test

वाराणसी varanasi में ज्ञानवापी-काशी विश्वनाथ Gyanvapi-Kashi Vishwanath मामले के बीच अब दिल्ली की कुतुब मीनार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। देश की राजधानी capital के महरौली इलाके में स्थित कुतुब मीनार qutib minar परिसर में 27 हिंदू और जैन मंदिरों की पुनर्स्थापना को लेकर दिल्ली की साकेत कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसपर सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान कुतुब मीनार परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने की मांग पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा, ‘कुतुब मीनार में देवता बिना किसी पूजा-पाठ के 800 साल से हैं तो अब उन्हें आगे भी ऐसे ही रहने दीजिए

वहीं, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने साकेत कोर्ट में दलील दी कि कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद एक मंदिर की जगह पर बनाई गई थी। याचिकाकर्ताओं की इस दलील पर साकेत कोर्ट ने पूछा कि आपको क्या लगता है, वो एक स्मारक है या फिर पूजा स्थल? कौन सा कानूनी अधिकार आपको किसी स्मारक को पूजा स्थल में बदलने का अधिकार देता है?

हालांकि सुनवाई के दौरान भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कुतुब मीनार 1914 से एक संरक्षित स्मारक है और इसलिए उसकी संरचना में बदलाव नहीं किया जा सकता .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here