
इसकी बजाय सरकार को चाहिये कि प्रति माह एक निश्चितं मात्रा जो देश मे डोमेस्टिक उपयोग के अलावा सरप्लस है । ऑनलाइन सरकारी एप्रोवाल से भारत के केवल मित्र देशों को निर्यात की अनुमति तत्काल दी जावे।
(1)देश मे महगाई का मूल कारण बड़ी स्टील ,सीमेंट , खाने का तेल निर्माताओं द्वारा सट्टेबाजी व कार्टेल बना कर एक वर्ष में करीब 50%-70% की वृद्धि करना है।
(2) GST में इनपुट क्रेडिट ख़रीद दार को केवल टेक्निकल ग्राउंड पर नही देने व गैर जरूरी नोटिस देने से छोटे उधोग व व्यापार जगत की कंप्लाइन्स कॉस्ट व बर्डन काफी बढ़ा है जिससे छोटे व्यापार व उद्योग बीमार /बन्द हुए है जिससे भी महगाई बढ़ी है।
(3)देश मे बिजली की कमी भी बढ़ती महगाई में आग में घी का काम कर रही है.
(4)लगातार डीजल व पेट्रोल की कीमतें के बढ़ने से गुड्स का परिवहन खर्च काफी बढ़ गया है यह भी महगाई बढ़ने के मुख्य कारकों में से एक है ।
(5) कोरोना काल मे देश मे बैंको द्वारा ₹20 लाख करोड़ के आसान लोन बाटने से भी बाजार में लिक़वीडिटी बड़ी है ।यह भी महगाई का एक कारण है।
(6) ऑनलाइन E कॉमर्स कंपनियों व सेवा प्रदाताओं जैसे zamato ,payTm , amazon, फ्लिपकार्ट, ओला उबेर इत्यादि द्वारा स्टार्टअप के नाम पर लॉस में बुजनेस करने की प्रवित्ति के कारण आम जनता में गैर जरूरी चीजों ( जिसकी उन्हें तत्काल अवसक्ता नही है) एक आम उपभोगता की होम डिलीवरी लेकर खरीदी की प्रवित्ति बढ़ी है जिससे जनता के आम उपभोग की जरूरी वस्तुओं के कीमतों को बेस प्राइस में करीब 25%-50% का उछाल देखने को मिल रहा है। यह महगाई का एक बड़ा प्रमुख कारक है ।
सुझाव
देश मे स्टार्टअप के नाम पर loss मेकिंग कंपनिया भी बिना किसी रोक टोक के प्रीमियम पर बड़े बडे IPO ला रही है इस पर तत्काल सेबी व वित्त मंत्रालय द्वारा रोक लगाई जानी चाहिए वरना आम छोटे छोटे निवेशको व बैंको का लुटना निश्चित है । इस पर तत्काल गंभीरता से विचार करने की जरूरत है ।