
Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में संकट जारी है. पूरे देश में इमरजेंसी लगा दी गई है. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश से भागने के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है. विक्रमसिंघे ने कहा कि अभी जो प्रदर्शन कर रहे हैं ये फासीवादी ताकतें हैं. ये ताकतें सरकार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं.
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री ऑफिस पर कब्जा कर लिया है. इस दौरान सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. अस्पताल के मुताबिक, अब तक 30 के करीब प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं.
#WATCH | Sri Lanka: Inside visuals from the premises of Sri Lanka's Prime Minister's office in Colombo after it was stormed by protestors pic.twitter.com/nEoc9zsoBk
— ANI (@ANI) July 13, 2022
विक्रमसिंघे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सेना और पुलिस को खुली छूट दे दी गई है. उन्होंने एक आदेश में कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति फिर बहाल करने के लिए जो संभव है वो करें.
राष्ट्रपति राजपक्षे और प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी में तीन मुख्य इमारतों राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति सचिवालय और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास टेंपल ट्रीज पर धावा बोलने वाले प्रदर्शनकारी अब भी वहां पर काबिज हैं. 2.2 करोड़ की आबादी वाला देश श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेट में है जिससे लाखों लोग भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
टीवी प्रसारण निलिंबित
देश के सरकारी टेलीविजन चैनल रूपाविहिनी ने बुधवार को प्रसारण निलंबित कर दिया क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने इमारत पर धावा बोल दिया. श्रीलंका रूपवाहिनी कार्पोरेशन (एसएलआरसी) ने कहा कि उसके इंजीनियरों ने चैनल का सीधा प्रसारण और रिकॉर्डेड प्रसारण निलंबित कर दिया है क्योंकि कार्पोरेशन के परिसर को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया है. बाद में, चैनल ने अपना प्रसारण फिर से शुरू किया.