
केन्द्र सरकार द्वारा प्री लेबल्ड एवं प्री पैक्ड खाद्यान्न वस्तुओं पर 18 जुलाई से जीएसटी लागू होने से खाद्यान्न वस्तुऐं महंगी होंगी। इससे खाद्य व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। रायपुर समेत देशभर मे प्री-पैक्ड, प्री- लेबल खाद्यान्न पर लगे जीएसटी को वापिस लेने की माँग को लेकर कैट सी.जी. चैप्टर एवं छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड़ इण्ड़स्ट्रीज के संयुक्त तत्वाधान में गुरूवार को छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए व्यापार सम्मेलन का आयोजन किया।
सम्मेलन मे कैट एवं चैम्बर प्रदेश के समस्त ईकाइयों के पदाधिकारी शामिल होंगे। पत्रकारवार्ता मे कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया की जीएसटी कांऊसिल की 47वीं बैठक में डिब्बा बंद या लेबल युक्त दही, पनीर एवं अन्य खाद्यान्न पदार्थो पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। इन वस्तुओं पर जीएसटी लगने से रोजमर्रा इस्तेमाल वाली जरूरी वस्तुओ के दाम बढ़ जायेगें। जीएसटी परिषद के इस फैसले से अनुपालन का बोझ बढ़ेगा। जिससे खाद्यान्न पदार्थ के कारोबारियों को नुकसान होगा। व्यापारी सम्मेलन के माध्यम से केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से प्री लेबल्ड एवं प्री पैक्ड खाद्यान्न वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से मुक्त रखते हुए पूर्ववत रखे जाने की मांग करेंगे।