
उदयपुर में हुए बर्बर हत्याकांड के बाद इसी तरह का मामला अमरावती में भी सामने आया। दोनों जगह जिन लोगों की हत्या की गई उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। वहीं, इसी तरह की पोस्ट करने वाले नागपुर के एक युवक को घर छोड़ना पड़ा।
तीनों मामलों में क्या समानता है?
तीनों ही मामले पैगम्बंर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी से जुड़े हैं। तीनों ही मामलों में पीड़ित पक्ष ने नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। पोस्ट के बाद तीनों को ही धमकियां मिलनी शुरू हुईं। अमरावती और उदयपुर में जहां पोस्ट करने वालों की हत्या कर दी गई। वहीं, नागपुर में पोस्ट करने वाले को अपना घर छोड़ना पड़ा।
अमरावती में क्या हुआ?
महाराष्ट्र के अमरावती में 21 जून को एक 54 साल के केमिस्ट की हत्या कर दी गई। उदयपुर में हुए हत्याकांड के बाद एक हफ्ते पहले हुआ ये मामला भी तूल पकड़ने लगा। गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच भी एनआईए को सौंपी गई है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अमरावती में हुई केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या की जांच एनआईए करेगी।
कैसे और क्यों हुई थी उमेश की हत्या?
उमेश पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में वॉट्सअप मैसेज करने का आरोप था। 21 जून की रात उमेश अपनी केमिस्ट शॉप से वापस लौट रहे थे। रास्ते में तीन लोगों उनकी बाइक रोककर उनकी हत्या कर दी। दूसरी बाइक से उनकी पत्नी और बेटा भी आ रहा था, लेकिन दोनों उमेश को नहीं बचा पाए। अमरावती के डिप्टी कमिश्नर विक्रम साली के मुताबिक उमेश द्वारा नुपुर शर्मा को लेकर किए पोस्ट की वजह से आरोपियों ने उनकी हत्या की।
अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
मंगलवार को ही एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपी दिखाई दे रहे हैं। अब तक गिरफ्तार सात आरोपियों से एनआईए के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। मामले में आठ नामजद आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं, एनआईए इसका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। क्या उदयपुर में हुई हत्या का इस हत्याकांड से कोई संबंध है, इसका पता लगाने की एनआईए कोशिश कर रही है।