
आज दिनांक 16 जुलाई को सुपेला के जयप्रकाश नारायण चौक पर उत्तर भारतीय रेलसेवा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। उत्तर भारत की तरफ जाने वाली तमाम सवारी गाड़ियों के संबंध में यह धरना दिया गया। धरने में मुख्य वक्ता प्रभुमाथ मिश्र ने कहा कि फिलहाल पांच सूत्रीय मांगे प्राथमिकता में हैं।
जिसमें रायपुर से चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस प्रतिदिन चलाया जाना, दुर्ग से गोरखपुर की ओर जाने वाली नौतनवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाया जाना, दुर्ग से कानपुर चलने वाली बेतवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाए जाने के साथ कानपुर से आगे लखनऊ तक विस्तार दिया जाना, गरीब रथ एक्सप्रेस को रगौल में विशेष स्टॉपेज दिया जाना, बिलासपुर से रीवा को जाने वाली रीवा एक्सप्रेस को दुर्ग से प्रतिदिन चलाए जाने की मांग प्रमुख हैं।
प्रभुनाथ मिश्रा ने कहा कि दूसरे चरण के आंदोलन में कुछ अन्य मांगों को भी जोड़ा जाएगा। अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सतीश कुमार त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रति मिनट तीन ट्रेनों का आवागमन एसईसीआर रेलवे में होता है। उत्तर प्रदेश की वर्तमान आबादी लगभग 25 करोड़ है और लाखों, करोड़ों परिवार उत्तर प्रदेश और बिहार से बाहर निकल कर रोजगार और व्यवसाय में लगे हुए हैं। भारत के अधिकतम तीर्थ स्थल उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि क्षेत्रों में ही पड़ते हैं। उत्तर भारत की ओर जाने वाली सभी गाड़ियों में बारहों महीने वेटिंग लिस्ट की लंबी कतार बनी रहती है। इसके बावजूद गाड़ियों का सप्ताहिक चलाया जाना बेहद अन्याय पूर्ण है। यदि इन मांगों को पूरा कर दिया जाता है तो इससे लोगों की सुविधाएं बढ़ेंगी और सरकार को राजस्व का इजाफा होगा।
पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष गुलाब सिंह पटेल में कहा कि उनके द्वारा कानपुर को जाने वाली बेतवा एक्सप्रेस के संबंध में पूर्व में भी ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। अधिवक्ता संघ की तरफ से उन्होंने इस आंदोलन को समर्थन का विश्वास दिलाया। कन्हैयालाल तिवारी में अपने उद्बोधन में बताया कि सर्वाधिक राजस्व देने वाला क्षेत्र रेलवे में उत्तर भारत की तरफ जाने वाले यात्रियों का है। आज तक जितनी भी उत्तर भारत के लिए रेलगाड़ियां चली सभी में कहीं न कहीं कोई न कोई आंदोलन करना ही पड़ा। इसलिए इस आंदोलन का होना भी सफलता का एक सूचक है। सरकार इसमें अवश्य उचित कदम उठाएगी। धरने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जमील अहमद, आर पी मिश्र,सूबेदार सिंह, राम लखन मिश्रा, त्रिलोक मिश्रा, चंद्रशेखर वर्मा, एसके सिंह और बृज भूषण सिंह ने संबोधित किया।
धरने के पश्चात कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, बिलासपुर रेलवे जोन के महाप्रबंधक रायपुर मंडल प्रबंधक के नाम से एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि मांगे तत्काल नहीं मानी गई तो छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तर पर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी इस आंदोलन का विस्तार होगा। किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति में जवाबदारी रेल मंत्रालय और सरकार की होगी। कार्यक्रम उपस्थित लोगों का अधिवक्ता जमील अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन किया और उनसे अपेक्षा की कि सभी भविष्य में इस मंच पर एकजुट होकर के हजारों लाखों की संख्या में प्रदर्शन की तैयारी करेंगे।
आज के धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रभु नाथ मिश्रा, जमील अहमद, सतीश कुमार त्रिपाठी, राम लखन मिश्रा, राम दरस सिंह, बृजभूषण सिंह, राधा कृष्ण पांडे, हरे कृष्णा, राधे श्याम प्रसाद, दिनेश प्रसाद मिश्रा, रामायण मिश्रा, सूबेदार सिंह यादव, अब्दुल फरीद, अक्षय प्रकाश सिंह, दीपक चंद पुरिया, मोहम्मद खान, विजय गुप्ता, हरे राम, दिनेश जायसवाल, मंसूर आलम, सुंदर साहू, राजकुमार राय, तरुण साहू, सुरेखा नागवंशी, राजेंद्र ताम्रकार, लखीचंद, संतोष विश्वकर्मा, विराजमान यादव, राम गोविंद, सुरेश मिश्रा, शंकर प्रसाद मिश्रा, डी पी राय, अजहर अली, गुलाब सिंह पटेल अधिवक्ता, नंदकिशोर, आरपी शर्मा, प्रेमचंद कनौजिया, अरविंद सिंह, मनोज कुमार, मोहम्मद कुर्बान, केएल तिवारी, मदन मिश्रा, धनेंद्र साहू, बी एम सिंह, हरेंद्र प्रसाद साह, आर के शुक्ला, सुरेश चंद्र, शंकर चरण पांडे, अखिलेश वर्मा, अभय सिंह, धीरेंद्र बहादुर सिंह, कन्हैया नाथ तिवारी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित हुए.