Saturday, April 5, 2025
HomeChhattisgarhअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: गरियाबंद जिले में उत्साह के साथ मनाया गया योगा...

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: गरियाबंद जिले में उत्साह के साथ मनाया गया योगा दिवस… जिला पंचायत सीईओ पुलिस अधीक्षक सहित गणमान्य नागरिकों ने किया योगा

- Advertisement -

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: गरियाबंद जिले में उत्साह के साथ मनाया गया योगा दिवस… जिला पंचायत सीईओ पुलिस अधीक्षक सहित गणमान्य नागरिकों ने किया योगा

गरियाबंद। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गरियाबंद में ‘योग फॉर ह्यूमैनिटी’ पर केन्द्रित जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज सुबह इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। इस अवसर पर ज़िला पंचायत सी॰ई॰ओ॰ रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक जे॰आर॰ ठाकुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित हैं। बड़ी संख्या में बच्चे एवं नागरिक योगासन एवं प्राणायाम किया

इस वर्ष इंटरनेशनल योग डे का 8वां संस्करण ‘मानवता के लिए योग’ (Yoga for Humanity) विषय के साथ मनाया जाएगा। इससे पहले 2021 की विषय वस्तु “घर पर योग तथा परिवार के साथ योग” (योगा एट होम एंड योगा विद फैमिली) थी। योग लोगों को ऊर्जावान रहने एवं कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय के दौरान एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली रखने में सहायता कर रहा है। इसीलिए इस बार की थीम ‘मानवता के लिए योग’ रखी गई है।

ज़िला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव

[shortcode-weather-atlas selected_widget_id=f03e2a1b]

कहा कि हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना है. हमें योग को जानना भी है, जीना भी है, हमें योग को पाना भी है और इसे अपनाना भी है. योग आज हमारे लिए केवल पार्ट ऑफ लाइफ नहीं, बल्कि अब वे ऑफ लाइफ बन रहा है. उन्होंने कहा कि जब हम योग को जीने लगेंगे, तब योग दिवस हमारे लिए योग करने का नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य, सुख, और शांति का जश्न मनाने का माध्यम बन जाएगा.योग प्राचीन भारतीय विरासत का एक हिस्सा है. यह मानवता के लिए भारत का उपहार, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है. योग मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करता है.”

पुलिस अधीक्षक जे॰आर॰ ठाकुर ने कहा

योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments