
पर्यावरण को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए पर्यावरण कार्यकर्ता लक्ष्मी शर्मा,सेवा टोली “आस” एक प्रयास ,एवम अन्य पर्यावरण कार्यकर्ता पर्यावरण संरक्षण मंडल सचिव environmental protection board secretary को 9मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के दौरान संस्था ने पर्यावरण संरक्षण मंडल सचिव को निम्नलिखित बातो पर अपने सुझाव दिये।
१ छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्णतः प्रतिबंधित नॉन वोवेन कैरी बैग ( झोला ) पर कार्यवाही हेतु सभी निगम व निकायो को कठोर कार्यवाही के आदेश दिये जाकर पालना करवायें जाये।
२ छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल में पंजीकृत निर्माताओं द्वारा पूर्ण प्रतिबंधित नॉन वोवन व डिसपोज़ेबल आइटम बनाने पर रोक लगाकर इकाइयों को बंद करने आदेश जारी करके साइट पर अपलोड करें ।
३ ई पी आर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी व पंजीकृत निर्माताओं द्वारा बनाये जाने वाले प्लास्टिक प्रॉडक्ट की मात्रा सहित सम्पूर्ण जानकारी साइट पर अपलोड करें।
४ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर बायोडीग्रेडेबल/ कंपोस्टेबल प्लास्टिक को अपनाने वाले निर्माताओं को प्राथमिकता दी जाये।
५ छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पंजीकृत इकाइयों व ब्राण्ड ओनर को ई॰पी॰आर॰ के दायरे में लाने हेतु आदेश जारी करके साइट पे अपलोड करें ।
६ छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा केन्द्रीय पर्यावरण संरक्षण मण्डल को हर महीने भेजी जाने वाली रिपोर्ट एनेक्सर ॥ को साइट पर अपलोड करावे।
७ छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा बनाये गए नॉन बायोडीग्रेडेबल ऐक्ट को तुरन्त प्रभाव से लागू कराया जावे ।
८ एनजीओ व पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा पर्यावरण विभाग को प्लास्टिक प्रदूषण सम्बंधित दी गयी शिकायतों का तुरन्त प्रभाव से निराकरण करावे।
९ पर्यावरण कार्यकर्ताओं व एन॰जी॰ओ॰ द्वारा पर्यावरण को प्लास्टिक से दुष्प्रभाव से बचाने हेतु चलायें जा रहे अभियान में नगर निगम/ नगर पंचायत की भूमिका को प्रतिबद्धता से लागू करें।
उक्त ज्ञापन पर्यावरण को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए सभी अग्रणी एन॰जी॰ओ॰ संस्था व पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा माननीय सचिव महोदय से आपेक्षित कार्यवाही हेतु दिया जा रहा है । आपके पूर्ण सहयोग से हम इस गम्भीर समस्या से उबर सकते है ताकि आने वाली पीढ़ी प्लास्टिक मुक्त वातावरण में साँस ले सके ।
ज्ञापन लेते हुवे पर्यावरण सदस्य सचिव ने कहा है की , सभी प्लास्टिक निर्माता ,ब्रांड ऑनर,को EPR में रजिस्टर्ड करवाने हेतु नोटिस दिया जाएगा । जो प्लास्टिक की इकाइयां रजिस्टर्ड नही है और गैरकानूनी ढंग से चलाई जा रही है ढूंढ ढूंढ के बंद कराई जाएगी, और जो प्लास्टिक की इकाइयां निर्माता की जानकारी रहित प्लास्टिक पैकिंग किराना पन्नी ,कैरी बैग बना रही है उन पर भी कार्यवाही की जाएगी। 75 माइक्रोन से कम की प्लास्टिक पैकेजिंग बना रहे निर्माता पर कार्यवाही की जाएगी ,उनको भी तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा
और कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में नॉन वोवन झोले 2020 में बैन किए जा चूके है । नॉन वोवन के अवैध प्लांट चलाए जा रहे है,उनको अधिकारियों का भी खौफ नही है ।
प्लास्टिक कैरी बैग ,थर्मोकोल डिस्पोजल आइटम प्लास्टिक चम्मच,कटोरी,प्लेट,ग्लास,चाकू, फोक, ,मिठाई के डिब्बे में लिपटने वाली प्लास्टिक फिल्म,सिगरेट के पैकेट में रैप होने वाला प्लास्टिक, कैंडी स्टिक प्लास्टिक ईयर बड्स, जूस पीने वाली स्ट्रा,केंद्र सरकार ने सितंबर 2021में बैन कर दिए थे।सिंगल यूज प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाला कचरा हर महीने करीब 2000 टन का बताया है।जिससे GST कारोबार सरकार को करोड़ो रुपए की चपत लग रही है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल सदस्य सचिव ने बायो डिग्रेडेबल को विकल्प के रूप में अपनाने और दोना पत्तल को विकल्प बताया है ।
उन्होंने कहा है की सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ते प्रदूषण का कारण नगर पालिक निगम की लापरवाही ही है,जिसने अब तक कोई जागरूकता कार्यक्रम ,रैली आयोजित नहीं की है ।पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस मुद्दे को गम्भीरता से लेकर कई लेटर नगर निगम को लिखे भेजें है लेकिन कोई बड़ी कार्यवाही नही होने से इसका प्रभाव नजर नही आने की बात कही
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