Friday, April 4, 2025
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फ़ूड ग्रेन्स पर लागू GST गरीब जनता व छोटे खुदरा दुकानदारो के साथ घोर अन्याय

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GST कौंसिल की 28-29/06/2022 की चंडीगढ़ बैठक में फ़ूड ग्रेन्स के प्री पैक्ड एंड लेबलड रिटेल बिक्री ( गेहू ,चावल,दाल,इत्यादि) पर भी 5%की दर से GST लगाया गया है इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था व खुदरा दुकानदारों को काफी नुकसान होगा ।इस कदम से करीब 20 लाख छोटे किराना दुकानदार के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो जावेगा ।

वर्तमान नियमो के अनुसार ₹40 लाख टर्न ओवर पर GST नंबर लेने की बाध्यता है । फ़ूड ग्रेन्स के ऊपर GST लगाने से इन को भी GST नंबर लेने का दायित्व बन जाता है । एक रेगुलर GST रजिस्टर्ड का रजिस्ट्रेशन लेने का मतलब कम से कम ₹3 लाख प्रति वर्ष का अतिरिक्त बोझ अकाउंटेंट की नियुक्ति , GST मासिक व एनुअल रेतुर्न व अन्य कंप्लाइन्स बोझ व कंप्लाइन्स कॉस्ट के रूप में दर्ज होगा ।

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इस कदम से महगाई भी बढ़ना निश्चित है ।

सुझाव

फ़ूड ग्रेन पर GST लगा कर देश की गरीब जनता पर आर्थिक बोझ डालने की बजाय सरकारों को चाहिये कि वे अपने गैर जरुरी खर्चो व स्थापना व्यय को कम करें ।
जैसे

(1) नेताओ की सुरक्छा में लगे सुरक्छा कर्मियों व कॉन्वेय में दौडने वाली गाड़ियों की संख्या की 50%तक कम करें ।

(2) नेताओ व अधिकारियो को बिजनेस क्लास की हवाई यात्रा व जब तक बहुत जरूरी न हो चार्टर्ड विमान से यात्रा पर पूर्ण रोक लगाई जावे ।
व सरकारी खर्च पर विदेशी यात्रा के लिये पूर्व अनुमति अनिवार्य की जावे ।

(3)सभी सरकारी विभागों में जनता से जुड़े सभी कार्य व सुविधाएं ऑनलाइन किये जावे ।ऐसा कर स्थापना व्यय में 50% की कमी आसानी से की जा सकती है।

(4) जब रेजिस्टरार ऑफ कम्पनीज व RBI का कार्य पूर्णत: ऑनलाइन हो चुका है व शिकायतों की सुनवाई भी ऑनलाइन /फेस लेस हो रही है तो सभी राज्यो में स्थापित कार्यालयों को बंद कर एक सेंटरलाइज कार्यालय बना कर भारी भरकम स्थापना बोझ को तत्काल कम किया जावे ।

(5) सरकारी विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जावे । व सभी TV चैनलों की प्रत्येक घण्टे कम से कम 3मिनट की जनहित की विज्ञप्ति /विज्ञापन जो सूचना व प्रसारण विभाग द्वारा जारी किया गया है निःषुल्क दिखाना अनिवार्य किया जावे।
सरकारी अधिसूचना व विज्ञापन हेतु एक कॉमन पोर्टल व वेबसाइट तत्काल बनाई जावे । ऐसा कर हम कम से कम ₹30 हजार करोड़ प्रति वर्ष बचत कर सकते है ।

(6) फ़ूड ग्रेन्स ( ब्रांडेड को छोड़कर ) पर लागू GST तत्काल वापस लिया जावे या खुदरा B to C व्यपारियो के लिए GST रजिस्ट्रेशन की लिमिट ₹1 करोड़ की जावे जो वर्तमान में ₹ 40लाख है । ताकि उन्हें गैर जरूरी कंप्लाइन्स के आर्थिक बोझ व परेशानीयो से बीमार होकर बंद होने से बचाया जा सके ।

आपश्री से सार्थक प्रतिक्रिया ,विचार व सुझाव आमंत्रित है ।

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