
राजधानी रायपुर raipur news मे आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव National Tribal Literature Festival, राज्य स्तरीय जनजाति नृत्य महोत्सव, राज्य स्तरीय जनजाति कला और चित्रकला प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल अनुसुईया उइके governor ansuiya uikey शामिल हुईं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संस्कृति की महक हर किसी को आकर्षित करती है। आदिवासी कला एवं संस्कृति से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान है। लोककला महोत्सव के आयोजन से छत्तीसगढ़ की विविध लोक कलाओं और संस्कृतियों को मंच मिलता है। इससे हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो जाता है।
कार्यक्रम में शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम विशेष रूप से उपस्थित रहे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रख्यात साहित्यकारों ने जनजातीय साहित्य और संस्कृति पर विचार-विमर्श किया।
महोत्सव में हर रोज शाम को जनजातीय पर आधारित लोक नृत्यों की प्रस्तुति हुई। इसमें क्रांतिवीर गुण्डाधघूर पर नाट्य मंचन, करमा, सैला, मड़ई और ककसाड़ नृत्यों का मंचन किया गया। इसके अलावा वीर नारायण सिंह पर नाट्य मंचन कुडुख, गेड़ी, गवरसिंग, सोन्दों, कमार विवाह नृत्य, डण्डार नृत्य, मांदरी, डण्डा, सरहुल नृत्य प्रस्तुत हुई। जहां दर्शकों ने जमकर सराहा। वहीं अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के बस्तर के आदिवासियों पारंपरिक नृत्य करमा, दररिया की प्रस्तुति देकर सबको झूमने को मजबूर कर दिया।