
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के वास्तुकला विभाग ने 4 सितंबर को “लेट्स डिजाइन अ बैटर वर्ल्ड” पर गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया। एमएनआईटी जयपुर के वास्तुकला और योजना विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुष चंद्रा एवं लार्सन एंड टुब्रो में डायल आईजीआई एयरपोर्ट फेज़ 3 ए डेवलपमेंट के डिजाइन एंड आर्किटेक्चर के प्रमुख आर्किटेक्ट देबब्रत पाल इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता थे। इस गेस्ट लेक्चर का आयोजन वास्तुकला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अबीर बंधोपाध्याय के सफल मार्गदर्शन में किया गया।
डॉ. तरुष चंद्रा ने अपने संबोधन की शुरुआत आज के समय में हो रहे शहरीकरण के कारण विश्व पर 2050 तक होने वाले परिणामों पर प्रकाश डालकर की। उन्होंने एशिया और अफ्रीका में शहरीकरण के नकारात्मक परिणामों तथा बस्तियों में पर होने वाले प्रभावों के बारे में बताया । शहरीकरण की आवश्यकता से भी छात्रों को परिचित करवाया गया तथा अनेक नवीन सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल के विषय में बताते हुए छात्रों को आर्किटेक्ट के तौर पर उनके योगदान की बात कही गई । उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे हमारे संसाधनों के डिजिटलीकरण, डिजिटल अर्थव्यवस्था के उपयोग, सार्वजनिक परिवहन के वैकल्पिक और कुशल साधनों के उपयोग, कॉम्पैक्ट शहरी स्वरूप को बढ़ावा देने, स्मार्ट बुनियादी ढांचे में निवेश आदि से गुणवत्तापूर्ण डिजाइन करने की चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
श्री देबब्रत पाल ने अपने व्याख्यान में अपनी व्यावसायिक यात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने करियर के दौरान शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं के बारे में बताते हुए आईजीआई हवाई अड्डे पर डायल चरण 3 ए विकास की विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने आकर्षक और असाधारण वास्तुकला बनाने में ‘लैस इस मोर ’के सिद्धांत पर जोर दिया । व्याख्यान श्रृंखला का समापन दोनों सम्मानित वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर हुआ।
वास्तुकला विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वस्ति स्थापक, विभाग के संकाय सदस्य और छात्र इस दौरान उपस्थित रहे ।