
chhattisgarh प्रदेश भर के निर्माण विभागों construction departments में करोड़ों रुपये के टेंडर बहिष्कार के निर्णय से शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पीडब्ल्यूडी PWD सचिव कोमल सिद्धार्थ परदेशी और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ विगत दिनों पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में बैठक हुई।
बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने उनके समक्ष मांग पत्र पर बिंदुवार चर्चा की। मीडिया से चर्चा के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक थी। बैठक दो घंटे चली, जिसमें मुख्य रूप से निर्माण विभागों में अनुबंध के बाद बढ़े मटेरियल के दामों सहित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, परंतु अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। बैठक में अफसरों ने एसओआर दर और बाजार मूल के अंतर की राशि का पैकेज दूसरे राज्यों में किस तरह तय की गई है। इसके साथ ही गौण खनिज रायल्टी, जिसके कारण कांट्रेक्टर परेशान हैं, उस विषय पर भी दूसरे राज्यों की शर्तों की जानकारी मांगी है।
एसोसिएशन ने तय किया है कि बढ़ते हुए मटेरियल के कारण जिस तरह से सभी निर्माण विभागों के कांन्ट्रेक्टर कर्ज में डूब रहे हैं। इसी मजबूरी की वजह से टेंडर बहिष्कार का निर्णय लिया है, इसलिए जब तक एसओआर दर और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की राशि समेत 15 सूत्री मांगों पर ठोस निराकरण का रास्ता नहीं निकल जाता तब तक सभी विभागों के टेंडरों का बहिष्कार जारी रहेगा।