
रायपुर। राजधानी में सरकारी आत्मानंद स्कूल हिंदी(hindi ) और अंग्रेजी(english ), दोनों माध्यम में हैं। इनमें ही प्रवेश के लिए दिलचस्पी ज्यादा ,सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एडमिशन(admisson ) के लिए मारामारी है। ऐसा कई सालों के बाद हुआ है, जब सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए यह होड़ लगी है। यहां सीटों की तुलना में तीन गुणा ज्यादा फार्म मिले हैं। एक-एक सीट के लिए घमासान है और सीटों की संख्या से कई गुना आवेदन मिल गए हैं।
आपको बता दे कि राजधानी में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के 13 स्कूल हैं। इसमें से 9 इंग्लिश मीडियम(english medium ) और 4 हिंदी मीडियम के हैं। इंग्लिश मीडियम में आरडी तिवारी, बीपी पुजारी, शहीद स्मारक फाफाडीह, भाठागांव इंग्लिश स्कूल, माना कैंप इंग्लिश स्कूल के अलावा कूंरा, अभनपुर, आरंग और नेवरा के एक-एक सरकारी इंग्लिश स्कूल हैं। हिंदी मीडियम में प्रो जेएन पांडेय मल्टीपर्पस गवर्नमेंट स्कूल, माधवराव सप्रे स्कूल, जेआर दानी गर्ल्स स्कूल और मायाराम सुरजन गवर्नमेंट स्कूल हैं।
मीडियम की वजह से आवेदन(application ) में कमी
बता दे कि जिस तरह के लैब इंग्लिश स्कूल में हैं वैसा ही हिंदी स्कूलों में होगा। स्मार्ट क्लास रूम, लाइब्रेरी समेत अन्य सुविधाएं भी एक जैसी होगी। लेकिन के अंतर की वजह से दाखिले के लिए आवेदन कम मिले हैं।
हिंदी मीडियम(hindi medium ) में दाखिला पूर्ण होने के बाद भी कक्षाएं खाली
हिंदी मीडियम के उत्कृष्ट स्कूलों जैसे प्रो जेएन पांडेय मल्टीपरपस गवर्नमेंट स्कूल, जेआर दानी गर्ल्स स्कूल व मायाराम सुरजन गवर्नमेंट स्कूल एवं माधवराव सप्रे स्कूल में प्रवेश को लेकर पहले जैसी स्थिति है।माना जा रहा है कि दाखिला पूर्ण होने के बाद भी इनकी कक्षाएं खाली रहेंगी।
मुख्यमंत्री(chief minister ) ने कहा यह सबके लिए सुखद है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी स्कूल में प्रवेश की होड़ को देखते हुए कहा है कि सब लोगों ने मिलकर छत्तीसगढ़ के शिक्षा में क्रांति ला दी है। जहा पुरे देश में सरकारी स्कूलों की संख्या कम है, वही छत्तीसगढ़ में 40 -50 गुना लोग एडमिशन के लिए सामने आ रहे है जो सबके लिए एक सुखद खबर(good news ) है।