
raipur news जिलेभर की विभिन्ना स्व सहायता समूह की महिलाओं अपनी मांगो को लेकर आज से बुढ़ापारा धरना स्थल मे 2 दिवसीय धरने पर बैठकर राज्य सरकार State government के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। बता दे राज्य सरकार State government पहले महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से बच्चों के भरण-पोषण का काम करती थी लेकिन अब उनके कार्यो को छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के द्वारा किया जा रहा है। इससे नाराज 32 जिलों की छत्तीसगढ़ रेड टू ईट फूड Chhattisgarh ready to eat food निर्माणकतार्ओं की महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो गई है।
छत्तीसगढ़ रेडी टू ईट फूड Chhattisgarh ready to eat food निर्माकर्ता महिला संघ की कार्यकतार्ओं का कहना है की उच्च न्यायालय ने 7 अक्टूबर 2004 को आदेश दिया है कि आंबनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार व्यवस्था से ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया और पूरक पोषण आहार महिला समूह, महिला मंडल एवं स्थानीय समुदाय के माध्यम से दिया जाना है। इस हेतु राज्य में व्यवस्था करते हुए 1646 महिला स्वसहायता समूहों द्वारा रेडी टू ईट प्रदाय किया जा रहा है था, इस विषय को लेकर संघ की निर्माकर्ता महिला संघ कई बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिया से लेकर कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंप चुकें है इसके बाद भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, निर्माकर्ता महिला संघ शासन के रवैय्ये से नाराज है।