
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन Chhattisgarh Contractors Association अपनी मांगों को लेकर टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहा है, जिसका परिणाम यह है कि पिछले 20 दिनों से टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई है। शासन इनकी मांग को लेकर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले रहा है। कांट्रेक्टरों को निर्माण कार्य ठप कर देने के लिए विवश करने की नीति अपना रहे हैं। इस मामले को लेकर एसोसिएशन द्वारा तीन जून को प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। बैठक में बड़ा एसोसिएशन Association के पदाधिकारी बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
एसोसिएशन Association का आरोप है कि प्रशासन में बैठे अधिकारियों के कानों में इस गंभीर मुद्दों पर जू तक नहीं रेंग रही है, जबकि बिंदुवार मांगों का ज्ञापन दिए हुए 19 दिन हो चुके हैं। इसके बावजूद आज तक निराकरण के लिए प्रस्ताव तक तैयार नहीं किया गया है, जिससे राज्य सरकार कांट्रेक्टरों की मांगों का सकारात्मक तरीके से समाधान कर सके।
एसोसिएशन Association के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला President Biresh Shukla ने बताया कि तीन जून को प्रदेश भर के कांट्रेक्टर राजधानी में जुटेंगे, जिसमें सर्वसम्मति से समस्त विभागों के निर्माण कार्यों को बंद करने का फैसला ले सकते हैं। समस्त निर्माण विभागों में पूरी तरह से निविदा प्रक्रिया 14 मई से ठप पड़ी हुई है और कांट्रेक्टरों को निर्माण कार्यों को बंद कर देने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।