BUSINESS NEWS : कैश रखने का चक्कर ही नहीं… भारत में UPI पेमेंट पहली बार हुआ 100 अरब के पार

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Digital Payment: नोटबंदी के पास डिजिटल पेमेंट का ऐसा क्रेज शुरू हुआ कि अब लोग कैश रखना ही भूल गए हैं. आज हर कोई डिजिटल पेमेंट कर रहा है. कार्ड और कैश पेमेंट कम होता जा रहा है. डिजिटल पेमेंट के मामले में भारत दुनिया के दिग्गज देशों को पीछे छोड़ रहा है. डिजिटल पेमेंट में भी यूपीआई का दबदबा बरकरार है.  यूपीआई पेमेंट को लेकर आए ताजा आंकड़ों में इसकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप लगा सकेंगे.यूपीआई पेमेंट में बढ़ते क्रेज से मोबाइल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिल रहा है. लोगों ने डिजिटल पेमेंट में यूपीआई को सबसे ऊपर है.

भारत के डिजिटल पेमेंट में आई तेजी के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में बीते साल साल के मुकाबले यूपीआई में बड़ा उछाल देखने को मिला. लेनदेन की संख्या के हिसाब से जहां यूपीआई ट्रांजैक्शन में 56 फीसदी का ग्रोथ हुआ तो वहीं मूल्य के हिसाब से 43 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. यह पहला मौका है जब यूपीआई से ट्रांजैक्शन 100 अरब के पार हो गया है. साल 2023-24 के वित्त वर्ष में यूपीआई से ट्रांजैक्शन 131 अरब पर पहुंच गया .

बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 84 अरब था. पेमेंट सर्विसेज के क्षेत्र की दिग्गज ग्लोबल कंपनी वर्ल्डलाइन (Worldline) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 की दूसरी छमाही में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. साल दर साल यूपीआई ट्रांजैक्शन बढ़ रहा है. भारत का यूपीआई सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंच रहा है. वर्ल्डलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल पेमेंट सिस्टम में यूपीआई का सबसे बड़ा हिस्सा है.

बढ़ रहा यूपीआई ट्रांजैक्शन 

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 की दूसरी छमाही में यूपीआई ट्रांजैक्शन का वॉल्यूम 65.77 बिलियन रहा. वहीं साल 2022 की दूसरी छमाही में यह 42.09 बिलियन था. ट्रांजैक्शन वॉल्यूम दिखाता है कि यूपीआई पेमेंट में 44 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई बै. साल 2022 की दूसरी तिमाही में जो 69.36 ट्रिलियन रुपये था, वो इस बार 99.68 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया.  हालांकि यूपीआई ट्रांजैक्शन के औसत टिकट साइज 8 फीसदी घटा है. जो पहले 1648 रुपये था, वो अब गिरकर 1515 रुपये पर पहुंच गया है. लोग छोटे ट्रांजैक्शन के लिए अब यूपीआई पेमेंट का सहारा ले रहे हैं.

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