
सुझाव
वर्तमान में जब 180 दिन के भीतर सप्लायर का भुगतान नही करने पर GST को रिवर्स करने का प्रावधान है ।
जब MSME Act के तहत MSME से ली गई सेवाओ व माल का 45 दिन में भुगतान करना अनिवार्य है तो इस GST प्रोविजन को सुधार कर तत्काल 60 days किया जाने की जरूरत है ।ऐसा कर ही आर्थिक बदहाली से झूझ रही MSME की बीमार होकर बंद होने से बचाया जा सकता है ।
साथ ही यह प्रावधान भी किया जाना चाहिये कि MSME को बैंक रेट X 3times से ब्याज व पेनल्टी का ऑनलाइन RTGS/NEFT व अन्य इलेक्ट्रॉनिक रियल टाइम पेमेंट माध्यमो से भुगतान करे बगैर कोई पुनः GST का क्रेडिट नही ले सकता with monthly कंपाउंडिंग इंटरेस्ट रेस्ट।
साथ ही ऐसे सभी केस जिसमे डिले पेमेंट के ब्याज का भुगतान किया गया है को ऑडिटर को एक टेबल फॉर्मेट में उसकी रिपोर्टिंग करना अनिवार्य किया जावे । तथा इस ब्याज की इनकम टैक्स के खर्चो में कोई छूट नहीं मिलेगी ऐसा प्रावधान आलरेडी MSME एक्ट में है इसे और मजबूत करने की जरुरत है ।
इसको सभी कंपनियों की लोन रेटिंग/सिबिल रेटिंग से भी अनिवार्य रूप से जोड़ा जावे ।
सभी MSME के स्टैक होल्डर्स से आग्रह है अपने अपने एसोसिएशन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाए और शीघ्र ही इसे लागू करने हेतु ज्ञापन भी सौपे।