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इस्लामाबाद. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और जमानत के बाद से लेकर आज तक पाकिस्तान में बवाल मचा है. यहां की सियासी पार्टियां आमने सामने हैं और लोग सड़कों पर हैं. पाकिस्तान की संसद ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को फांसी दिए जाने की मांग उठी. नेशनल असेंबली में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल आसिफ अली जरदारी की पार्टी के सांसद राजा रियाज अहमद खान ने इमरान खान को फांसी दिए जाने की मांग उठाते हुए कहा, यहूदियों के एजेंट को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए, लेकिन अदालतें उनका ऐसे स्वागत कर रही हैं जैसे कि वह उनके दामाद हों.’
इसके साथ ही नेशनल असेंबली (एनए) ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) न्यायमूर्ति उमर अता बंदियाल के खिलाफ संदर्भ दायर करने के लिए समिति के गठन को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है. इस मामले में संसद में निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ सत्ताधारी गठबंधन का प्रदर्शन
उधर इमरान की रिहाई के खिलाफ PDM ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इतना ही नहीं उग्र भीड़ ने वहां अपना कैंप लगा लिया है. पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) कई पार्टियों से मिलकर बना संगठन है. इसमें सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUIF) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) सहित कई पार्टियां शामिल हैं.
सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों की ओर से इमरान का ‘‘समर्थन’’ करने पर न्यायपालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है. पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल एक इस्लामी दल ने कई मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को कथित रूप से ‘‘राहत’’ देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट समेत देश की न्यायपालिका के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया.
पहले ही की थी सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन की घोषणा
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों समेत कई प्रदर्शनकारियों ने देश की राजधानी में धारा 144 लागू होने के बावजूद ‘रेड जोन’ (वर्जित क्षेत्र) में प्रवेश किया. देश के 13 राजनीतिक दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह पूर्व प्रधानमंत्री खान के प्रति कथित न्यायिक समर्थन के विरोध में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष धरना देगा.

