कृषि महाविद्यालय भिलाई ने किया पत्रकारिता विश्वविद्यालय का शैक्षिक भ्रमण,रूबरू हुए कृषि पत्रकारिता से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और पहलुओं से

0
test

 

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में बुधवार को कृषि महाविद्यालय धनोरा भिलाई के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने टीवी स्टूडियो व एफ एम रेडियो की कार्यप्रणाली, तकनीकों के अलावा प्रोडक्सन, पीसीआर, कैमरा सेटअप, एंकर, कंटेंट समेत इनसे जुड़ी अनेक बारीकियों व पहलुओं को जाना। कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विजिट के दौरान स्टूडियो में अपनी रिकॉर्डिंग की साथ ही एंकरिंग करने का अनुभव भी प्राप्त किया।

भ्रमण के अलावा पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने एक व्याख्यान माला का भी आयोजन किया। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि कृषि विज्ञान किसी भी मामले में अन्य विषयों से कमतर नहीं है, बल्कि अन्य विषयों से ज्यादा जरूरी है। किसानों को इस ओर ध्यान होगा कि बेहतर तकनीकों, कार्यकुशलता व उन्नत पैदावार से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। देश में कृषि प्रणाली को विकसित करने की दिशा में नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं। कृषकों को तकनीकी पहलुओं के साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जागरूक करने की आवश्यकता है।

[shortcode-weather-atlas selected_widget_id=f03e2a1b]

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के एसोसिएट प्रो. शैलेन्द्र खंडेलवाल ने कृषि से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कृषि को भारत का मूल बताया। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है, इससे पढ़े-लिखे नौवजवानों को जुड़ना चाहिए। जिन देशों ने कृषि के क्षेत्रों में विकास किया है, उन्होंने उन्नत तकनीकों को अपनी कृषि प्रणाली में शामिल किया है। हमें भी इस दिशा में ठोस पहल करने की जरूरत है। साथ ही लगातार सजग व अपडेट रहने की आवश्यकता है।

कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर विवेक पांडेय ने कहा कि यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कृषि पत्रकारिता के अलावा संचार से जुड़ी अन्य चीजों को हमारे विद्यार्थी बेहतर ढ़ंग से समझ पाए हैं।

शैक्षिक भ्रमण में भिलाई एग्रीकल्चर कॉलेज से 50 विद्यार्थियों दल बुधवार को पत्रकारिता विश्वविद्यालय के भ्रमण पर आआए थे। जिनमें से ऋषिता पांडे, प्रेरणा साव, भूनेश साहू, प्रथम सोनी ने अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे न्यूज चैनल, स्टूडियो आदि के बारे में अपना अलग विचार रखते थे, लेकिन यहां प्रत्यक्ष अनुभव करने के बाद उनका विचार और नजरिया बिल्कुल बदल गया। इस तरह के अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया साथ ही इस शैक्षिक भ्रमण के लिए खुशी जाहिर की.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here