
रायपुर समेत देशभर मे मंगलवार को हिंदू और इस्लाम धर्म का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। शहर में सद्भावना की मिसाल दिखाई देगी। एक ओर हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया पर्व पर घर-घर पूजा-अर्चना करके गुड्डा-गुड़िया का ब्याह रचाने की परंपरा निभाई जाएगी। ब्राह्मण समाज भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाएगा। दूसरी ओर मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज पढ़कर अमन-चैन की दुआ मांगेंगे और घर-घर में ईद की खुशियां छाएंगी।
मोतिबाग़ बैजनाथ के पुजारी पं. के अनुसार अक्षय तृतीया पर दान को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करने से वह अक्षय हो जाता है ऐसे मे गरीब, निर्धन वर्ग के लोगों को धूप की तपन से बचाने के लिए जूता, चप्पल, छतरी और मौसमी फलों का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन से शुभ कार्य शादी विवाह मांगलिक कार्य की शुरुआत होती है।
जाकिर मोहम्मद मूतवल्ली सुन्नी हफ़ी जामा मस्जिद बैरन बाजार ने बताया कि सोमवार को 30 वां रोजा रखा गया। सोमवार को चांद की तस्दीक होने पर तीन मई को ईद मनाएंगे। मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन व दारूल व मुस्लिम यतीमखाना में चांद की तस्दीक करने की विशेष व्यवस्था की गई है। आसपास के शहरों से भी चांद दिखने की खबर मिलते ही ईद का एलान किया जाएगा। मदरसा की ओर से अपील की गई है कि जैसे ही चांद दिखाई दे तुरंत सूचित करें ताकि शरई तस्दीक हासिल करके ईद का एलान किया जा सके।