
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की टिकट से पूर्व मुख्यमंत्री और कई मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं। राजनांदगांव से प्रत्याशी पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ रोज नए नए मामले आ रहे है। कभी बीजेपी तो कभी उनकी ही पार्टी के नेता आरोप या खुलासा कर रहे है। इस बीच आज एक कांग्रेस नेता ने तो राजनांदगांव से भूपेश बघेल की टिकट काटने की मांग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से से की है। क्या है पूरा मामला? देखिए इस रिपोर्ट में।
भूपेश बघेल को लेकर रोज़ नए-नए मामले
छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में लोकसभा चुनाव को लेकर बिगुल बच चुका है। लेकिन राजनंदगांव में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लेकर रोज़ नए-नए मामले आ रहे हैं। पहले भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिहादी झंडा लिए कार्टून में दिखाए। इसके बाद राजनांदगांव में कांग्रेस के पदाधिकारी सुरेंद्र दाऊ ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। तो एक बार फिर से आज सुरेंद्र दाऊ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर राजनांदगांव लोकसभा से भूपेश बघेल की टिकट काटने की मांग करते हुए स्थानीय को टिकट देने की बात कही है।
भाजपा का साथ देने का भी आरोप
Congress leader demands cancellation of Bhupesh Baghel ticket: इतना ही नहीं उन्होंने भूपेश बघेल पर भाजपा का साथ देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा की 2018 और 2023 के चुनाव में राजनांदगांव में बाहरी प्रत्याशियों को उतारा गया। इतना ही नहीं तत्कालीन कांग्रेस सरकार के जिम्मेदारों ने कई कांग्रेसी विधायकों को भी हराया है।
कांग्रेस के इस अंतर कलह पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत का कहना है कि पार्टी में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। तो वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहा है कि हमारे कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया जा रहा है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस नेता हमेशा एक दूसरों से लड़ाई लड़ते रहेंगे। न इन्हें पार्टी से और न ही जनता से मतलब है।
कांग्रेस में अंतर कलह में कमी नहीं
5 साल तक सत्ता में रहने के बाद और आज विपक्ष में आने के बाद भी कांग्रेस में अंतर कलह में कोई कमी नहीं है। भूपेश बघेल हमेशा से कांग्रेस नेताओं के या तो करीब या तो बहुत दूर रहे हैं। जिसे आज कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उनके सामने ही कर रहे हैं। ऐसे में अब देखना होगा राजनंदगांव लोकसभा में जहां पहले से ही मोदी की लहर और भाजपा कार्यकर्ताओं की एकजुटता दिखाई पड़ रही है ऐसे में कांग्रेस और भूपेश बघेल के क्या परिणाम होंगे यह तो 4 जून को ही पता चलेगा।